Gandivdhari Arjun In Hindi -

जो दोनों हाथों से धनुष चलाने में कुशल हो।

अर्जुन से पहले यह धनुष कई देवताओं के पास रहा। ब्रह्मा जी ने इसे 1,000 वर्ष, प्रजापति ने 503 वर्ष, इंद्र ने 580 वर्ष, सोम ने 500 वर्ष और वरुण देव ने 100 वर्षों तक धारण किया था。 gandivdhari arjun in hindi

अर्जुन को गांडीवधारी इसलिए कहा जाता है क्योंकि उनके पास 'गांडीव' नामक एक अत्यंत शक्तिशाली और दिव्य धनुष था。 यह धनुष केवल एक अस्त्र नहीं था, बल्कि अर्जुन की वीरता की पहचान बन गया था। महाभारत के अनुसार, जब अग्निदेव को खांडव वन जलाने के लिए अर्जुन और श्रीकृष्ण की सहायता की आवश्यकता थी, तब उन्होंने वरुण देव से प्रार्थना कर यह धनुष अर्जुन को दिलवाया था。 प्रजापति ने 503 वर्ष

अग्नि देव की सहायता करते समय अर्जुन ने अपनी वीरता से इंद्र सहित कई देवताओं का सामना किया, जिसके बदले उन्हें गांडीव प्राप्त हुआ। इंद्र ने 580 वर्ष

कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी वे हार नहीं मानते थे।

गांडीव कोई साधारण धनुष नहीं था। इसके बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य इस प्रकार हैं:

अर्जुन के व्यक्तित्व में एक विशेष चमक और आभा थी।